ਟੈਗ » Ghazal

खुद से

मुद्दत से नज़र मिलायी नही खुद से,

तो कोई कमी नज़र आई नही खुद से,

जहाँ चले कदमों के निशाँ थे पहले,

कभी कोई मंज़िल पाई नही खुद से,

जाने क्या सोचकर वो लौट आया,

यूँ तो आवाज़ भी लगाई नही खुद से,

आज हवाएँ भी मेहरबाँ है कुछ तो,

सो ये बदली भी छाई नही खुद से,

किसका इंतज़ार करें, और क्यूँ करें,

जब दी गई कोई दुहाई नही खुद से,

अब तीरगी1 से क्यूँ कर शिकायत करें,

चरागों को लौ भी लगाई नही खुद से।

1. अंधेरे

Life And Times

युद्ध

थांबून मी घाव गोंजारले होते
तेव्हाच युद्धात त्या हारले होते

टाकून शस्त्रे समर्थन दिले त्यांनी
म्हणती, अहिंसेस स्वीकारले होते!

त्यांची खरी साथ युद्धामध्ये आहे
जे वीर माझ्यापुढे वारले होते

दाही दिशांनी जरी घातला वेढा
परत फिरणे साफ नाकारले होते

आहे जगवले मला याच युद्धाने
कोठे तहांनी मला तारले होते?

नाही कळाली तिथे खबर विजयाची
अद्याप ते राज्य अंधारले होते

Marathi

" इश्क़-ऐ-जुनून "

आहिस्ता आहिस्ता वो हमें कुछ यूं भा गए,
पहले वो नजरों में ओर फिर दिल में समा गए…!

उनके नूर का सुरूर हमपे कुछ यूं चढ़ा कि,

Ishq Ki Shargoshiyaan

Today's song: Yeh kya jagah hai doston

23July, 2016

This ghazal is sung by Asha Bhonsle and performed on-screen by Rekha ji in the legendary movie ‘Umrao Jaan'(1981) of Muzaffar Ali. The music of this movie was composed by Mohammed Zahur Khayyam who was also known for collaborating with hardcore poets rather than lyricists; for this movie he worked with Akhlaq Mohammed Khan ‘Shahryar’, poet and an authority of Urdu poetry in India who was very selective about writing Bollywood lyrics. 31 more words

Music

Ghazal: A Wordly Romance

روہ قمر سکون دلدار پیشانی شوخ

ترنم تیرا کیا خاموش لب والے

Rooh e Qamar saqoon e dildar peshani e shokh

Tranum tera kya khamosh lab wale… 152 more words

Writing

શું છે ? - ભગવતીકુમાર શર્મા

શું છે?

અરે, આ જન્મજન્માંતર તણું આવાગમન શું છે?
પવન શું, પાણી શું,પૃથ્વીય શું ને અગન શું છે?

આ માટીમાંથી જન્મી માટીમાં થાતું દફન શું છે?
અગ્નિમાંથી પ્રગટી અગ્નિને ખોળે દહન શું છે?

અમે બ્રહ્માંડની વિસ્તીર્ણતામાં વિસ્તરી ચાલ્યા;
પછી નકશાઓ, સરહદ, વાડ કાંટાળી, વતન શું છે?

અમે શ્વાસોની વચ્ચે ઝૂલતા અવકાશમાં વસીએ;
કળી શું, મ્હેક શું, ઉદ્યાન શું ને આ સુમન શું છે?

અમારે હોડ ચાલે મળસકે રોજ ઝાકળથી,
છતાંય સૂર્ય પૂછે છે કે આ અશ્રુવહન શું છે?

ભરીને ભૂંગળીમાં વહેતું મૂકી દઈશ – પાણીમાં;
ન પૂછો કે કલમ, કાગળ, શબદ, અક્ષર, કવન શું છે?

ટક્યા છીએ અમે આકાશના ઓઢણને આધારે;
અમે શું જાણીએ જગમાં કબર શું છે, કફન શું છે?
– ભગવતીકુમાર શર્મા

( ગુજરાતી કવિતાચયન 2004 – સંપાદક: નીતિન વડગામા)

Poetry

Ghazal, Fame And Tragedy

I don’t think any music lover would need the introduction of Jagit Singh and Chitra Singh. This duo was the most popular duo in the 70s-80s in the world of non-film music; especially… 222 more words

Ghazal

Divya Vasistha reblogged this on and commented:

दर्द भरे गानों की जब बात चले तो जगजीत सिंह का नाम सबसे ऊपर आता है। वैसे तो उन्होंने हर mood के गाने गए थे लेकिन प्रसिद्धि मिली  ग़ज़लों और दर्द भरे गानों से। दुनिया भर के लोग उनकी रूमानी आवाज़ सुनकर झूम उठते थे। सुननेवालों को तब ये पता नहीं होता था कि वह ग़ज़ल भर नहीं है बल्कि उनके दिल का सबसे बड़ा दर्द है, जो आवाज़ बन कर जुबां तक आ गया है।